इस देश के मंदिरों को देश मैं होने वाली घटनाओं दुर्घटनाओं में जमा धन को उदारता पूर्वक देश हिट में देना चाहिए l लेकिन ऐसा लगता है मंदिरों के ट्रस्टीओं में शामिल लोग इतने निर्लज धृष्ट हैं कि उन्हें बड़ी से बड़ी घटनाओं से कोई असर नहीं पड़ता - कोई उदाहरण बताएं
No comments:
Post a Comment