शशी की शादी बड़ी धूम-धाम से राजेशसेहुई थी ! ससुराल वालों की तारीफ करते शशि के मम्मी पापा अघाते नही थे हरतीज -त्यौहारपर रस्म के अनुसार फल ,मिठाईकपड़ों आदिकी सौगात भेजते रहते थे i शशि के विवाह के समय पाँच लाख नकद ,कपडे ,गहने मोटरसाइकल ,बर्तन आदि का दहेज़ दिया गया था ! वह अपने सास ससुर की बहुत तारीफ करती थी और अपने पति के साथ खुश थी1 उसको ससुराल वालों से केवल एक ही शिकायत थी कि उसे घर क किसी मसले पर निर्णय का अधिकार नहीं था 1और न ही उसेक बात में शामिल किया जाता है बड़ी बहू होने पर भी हर निर्णय से दूर रखा जाता था शशि की एक लड़की थी !सास -ससुर अपनी पोती का बहुत ख्याल रखते थे धीरे -धीरे तीन साल बीत गए !लड़की अपने दादा -दादी के साथ हमेशा खेलती रहती थी वे भी जान छिडकते थे अपनी पोती पर ! शशि की सहेली आई हुई थीं !दोनों शोपिंग पर गई हुई थी !शशि ने सोचा सास ससुर अकेले है ,मिनी उन्हेंपरेशान कर रही होगी !जेसे ही वो घर में घुसी ,उसे सुनाई दिया -"और सब ठीक रहा बहू के घर से काफी दहेज आया ,किसी बात की कमी नही की उन्होंने "-सास कह रही थी !शशि थमक कर खड़ी हो गई !बात उसके बारे में ही हो रही थी ! "वो तो ठीक है ,अभी हमे चार साल और चुप रहना है ,उसके बाद देखा जायेगा -क़ानून जो है -सात साल के बाद दहेज़ का कानून लागू नही होता "! वो सन्न रह गई !ये क्या कह है !लगा किसी ने पिघला शीशा डाल दिया हो !बना -उसकेबनाया सपनों का महल दह गया था और शशि मलबे में बिखरे सपनों को बीन रही थी जो जहाँ ठहा बिखरे पड़े थे और वो बेसुध होकर वहीं बेठ गई उस मलबे के ढ़ेर पर -अभी तो मैं प्रोबेशन पर हूँ ........
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