Monday, November 18, 2013

vidai

. सचिन तेंदुलकर की क्रिकेट  से विदाई बहुत लोगों को दुखी कर गई। देशी -विदेशी मिडिया ने  भी अपने तरीकों से उनका गुणगान किया जिसके वे हक़दार हैं। उन्हें भारत रत्न प्राप्त होने के लिए बधाई ! सबसे बड़ा उपहार उन्हें पहले सेही प्राप्त है -दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमिओं का प्यार !

Sunday, September 1, 2013

deshbhkti ka patachep ho gyaa hay

देश भक्ति पटाक्षेप हो गया है _… । अब जबकि हम स्वतंत्र विकसित देशवासी है , देशभक्ति का पटाक्षेप हो गया है ,देशभक्ति तो नेता का आश्वासन रह गया है -जो विभिन्न अवसरों पर अभिव्यक्त होता है ,एक छलावा दिवालियेपन का प्रतीक है ,और यह हमारे खोखलेपन का अहसास है -भिन्न -भिन्न अवसरों पर पुरानी यादों को छाती से चिपटाए रहने की मजबूरी को महसूसने की बेबसी और नया कुछ ना कर पाने की व्यथा …. १४-८-१९८३ 

Monday, August 19, 2013

नवयौवन  ! ,तुम आ जाना ,सुनहरे सपनों के खातिर ,तुम नवपंखी हरित में उछाल भर ,गेहूं की बाली के जीवन सा /तुम / मत बिखर जाना ,ओ  नवयौवन ! तुम तब आना जब अबोध बच्चे की भोली -भाली सूरत पर निर्मल हसीं हो ,उसे जीवन की काली  चट्टानों, दरारों को देखने की छमता तो हो ,हो अगर समतल तल उस पर खड़े हो मुस्काना ,नवयौवन तुम … बिखरे ज्वारों के मध्य तुम आ जाना ढूढ़ तुम मोती लाना ,जो अगर ज्वार थम जाये ,रह तुम वहीं जाना नवयौवन  तुम …. ऐ  नवयौवन ! लम्बी -काली उबड़ -खाबड़ सड़क से आना ,तो ,आधुनिक जीवन को भूल वहीं आना, अगर हो सके तो अपनापन ले आना ,अरे नवयौवन ! तुम ऊची ,नीची ,छोटी -बड़ी घाटी जंगलों ,पत्थरों के सहारे  पगडंडी से आना ,तो गाँव के द्वारे भोला -भाला मिटटी तले अधनंगा ,नाक बहाता धूप ,में खड़ा किसी की तलाश में आशा लगाये बच्चा मिल जाये ,उसे चूम जरूर आना चाहे तुम मत आना . ओ नवयोवन ,तुम स्कूल -कालेजों के मैदानों से आधुनिक परिसरों से होकर आना, तो तुम चाहे मत आना ,अगर आना तो एक सिर्फ एक भगतसिंह  को उठा जरूर लाना . ओ नवयौवन तुम आ जाना . --------२-४-१९८०   

Wednesday, July 24, 2013

modi viridh

मोदी विरोध में लोग ये तक भूल गये हैं कि वे कर क्या  रहे  हैं l इस कुकृत्य ने विभीषण  और मीरजाफर  की याद दिला दी lकोई इन से पूछे कि हमारे देश की समस्याओं और कमिओंको  दूसरे देश को बताने का क्या अर्थ निकाला जाये l

Thursday, July 18, 2013

ishrat ke liye vilaap

,एसा  लगता है कि हर कोई यही विलाप कर  रहा है  उसके साथ क्या हुआ l देश  में जेसे हर  कोई यह चाहता है  कि  किसी भी तरह से मोदी को फ़ांस लिया  जाये  तब सब  कुछ सुधर  जायेगा - सभी  समस्याये  समाप्त  हो जाएगी