आपके घर में अगर काक्रोच आ जाता है तो आप क्या करते हैं -मार देते हैं -फ़िल्मी डायलॉग बोलने वाले वास्तविक जिंदगी में बौरा गए। कुछ लोग पाल लेतें हैं। …।
Thursday, July 30, 2015
Wednesday, April 1, 2015
Friday, February 27, 2015
Monday, November 18, 2013
vidai
. सचिन तेंदुलकर की क्रिकेट से विदाई बहुत लोगों को दुखी कर गई। देशी -विदेशी मिडिया ने भी अपने तरीकों से उनका गुणगान किया जिसके वे हक़दार हैं। उन्हें भारत रत्न प्राप्त होने के लिए बधाई ! सबसे बड़ा उपहार उन्हें पहले सेही प्राप्त है -दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमिओं का प्यार !
Sunday, September 1, 2013
deshbhkti ka patachep ho gyaa hay
देश भक्ति पटाक्षेप हो गया है _… । अब जबकि हम स्वतंत्र विकसित देशवासी है , देशभक्ति का पटाक्षेप हो गया है ,देशभक्ति तो नेता का आश्वासन रह गया है -जो विभिन्न अवसरों पर अभिव्यक्त होता है ,एक छलावा दिवालियेपन का प्रतीक है ,और यह हमारे खोखलेपन का अहसास है -भिन्न -भिन्न अवसरों पर पुरानी यादों को छाती से चिपटाए रहने की मजबूरी को महसूसने की बेबसी और नया कुछ ना कर पाने की व्यथा …. १४-८-१९८३
Monday, August 19, 2013
नवयौवन ! ,तुम आ जाना ,सुनहरे सपनों के खातिर ,तुम नवपंखी हरित में उछाल भर ,गेहूं की बाली के जीवन सा /तुम / मत बिखर जाना ,ओ नवयौवन ! तुम तब आना जब अबोध बच्चे की भोली -भाली सूरत पर निर्मल हसीं हो ,उसे जीवन की काली चट्टानों, दरारों को देखने की छमता तो हो ,हो अगर समतल तल उस पर खड़े हो मुस्काना ,नवयौवन तुम … बिखरे ज्वारों के मध्य तुम आ जाना ढूढ़ तुम मोती लाना ,जो अगर ज्वार थम जाये ,रह तुम वहीं जाना नवयौवन तुम …. ऐ नवयौवन ! लम्बी -काली उबड़ -खाबड़ सड़क से आना ,तो ,आधुनिक जीवन को भूल वहीं आना, अगर हो सके तो अपनापन ले आना ,अरे नवयौवन ! तुम ऊची ,नीची ,छोटी -बड़ी घाटी जंगलों ,पत्थरों के सहारे पगडंडी से आना ,तो गाँव के द्वारे भोला -भाला मिटटी तले अधनंगा ,नाक बहाता धूप ,में खड़ा किसी की तलाश में आशा लगाये बच्चा मिल जाये ,उसे चूम जरूर आना चाहे तुम मत आना . ओ नवयोवन ,तुम स्कूल -कालेजों के मैदानों से आधुनिक परिसरों से होकर आना, तो तुम चाहे मत आना ,अगर आना तो एक सिर्फ एक भगतसिंह को उठा जरूर लाना . ओ नवयौवन तुम आ जाना . --------२-४-१९८०
Subscribe to:
Posts (Atom)