कुछ कम्पनी अपने कर्मचारिओं से परचूनी दुकानदार के समान व्यवहार करते है l कार्यालय के काम से टूर पर जाने का आदेश देते है और सम्बंधित ख़र्चे देने में आनाकानी करते है दो हजार के लिए सौ ले लो, इतना क्यों खर्च किया खाना ऐसा क्यों खाया ,धर्मशाला में क्यों नही रुके l कुछ ऐसी भी हैं जो दो -दो महीने वेतन नही देते l यही कारण है कि युवा कम्पनी छोड़ते है और दूसरी ज्वाइन करते हैं 1हमारे देश मैं योग्यता को नकारा जाता है l इसी कारण युवा विदेश में नौकरी करने के लिए इछुक रहते है ,इस प्रवृति पर अंकुश लगाना आवश्यक है
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